Monday, April 27, 2009

जरा सोचिये?

जरा सोचिये?

मेट्रिक कक्षा के स्थर पर ड्राप आउट लारकिया यानि वोह लार्कियाँ जो अपनी दसवी कक्षा की prhai पुरी नही कर पाई। कारण कुछ भी हो सकते हैं जैसे असमय शादी हो जाना, गरीबी, जिस कारण पाठशाला ही न जा पाना।
barri खुशी की बात है की हिमाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से H.S.O. यानि "Help Social Organisation" ने इस वर्ष २५ लार्कियों को मेट्रिक कक्षा की परीक्षा दिलवानेके साथ साथ अपनी ओर से Vocational Training देने का बीरा भी उठाया है।
H.S.O. संस्था का यह प्रयास बहुत प्र्शंसिया है, चाय की चुस्किया लेते हुए तारीफ़ कह यह शब्द कह कर ही क्या आपका एक सतर्क नागरिक होने का कर्तव्य पुरा हो जाता है ?
ज़रा सोचिये आप, यह, और हम सब भी इस समाज के विभिन् अंग है। आप भी तो इस समाज सेवा के कार्य में किसी न किसी रूप में योग दान दे सकते हैं। आपके munn में यह विचार भी शायद आ रहा होगा, की २५, ३० लार्कियों को परीक्षा दिलवाने से क्या होगा उन्हें वोकेशनल ट्रेनिंग देने से क्या होगा ? होगा यह की येही २५ , ३० महिलायें २५, ३० परिवारों का अंग बनेगी और आर्थिक रूप से स्वावलंबी और परही लिखी महिला आगे चलकर एक होनहार माँ, बेहन, पत्नी या समाज सेविका के रूप में अपना कर्तव्य barri निपुणता से निभा सकतीं हैं। लेकिन केवल २५, ३० महिलाएं ही क्यूँ?
हम आपको येही बताने का प्रयास कर रहे हैं की हम जो जोत जला रहें है उसे आप आगे barha सकते है, अब आप कहेंगे, हम आप से दूर बेठे आपके इस कार्य में कैसे योगदान दे सकतें हैं ? ज़रूर दे सकतें हैं, ज़रूरत है अपने आस पास नज़र डालने की । आप पे इश्वर की असीम कृपया होगी, आप संपन्न परिवार से पैदा हुए होंगे , आपके माँ बाप ने आपको अच्छे संस्कार अच्छा माहोल और ऊँची शिक्षा दी होगी। आप में से के ऊँचे पदों पर कार्यरत होंगे या किसी व्यापर में लगे होंगे । आप में से kaein सेवा निवृत होकर नाती पोतो के साथ अपनी ज़िन्दगी हँसी खुशी बिता रहे होंगे। ज़र्रा सोचिये इतने में ही आप संतुस्थ हैं। रोज़ akhbar में कोई ना कोई ना कोई ख़बर नारी के शोषण को लेके आती है, kahein बल विवाह , kahein अनमेल विवाह, kahien आर्थिक तंगी के कारण शोषण।

kutch बच्चियां जवानी की देहलीज़ पर कदम रखने से पहले ही विधवा की ज़िन्दगी जीने के लिए अपने माँ बाप के घर वापिस आ जाते हैं। माँ बाप का सहारा या कोईआर्थिक आलंबन ना होने के कारन के बार नौबत अत्म्यहत्य तक आ जाती है। जानते हैं एन सब का कारन क्या है ? लार्कियों में पूर्ण शिक्षा का आभाव - जिसके कारन उनमें स्वावलंबन का कोई चारा नही होता। kutch एक को तो माँ बाप का सहारा मिल जाता है , ज्यादातर ऐसे लार्कियाँ सामाजिक शोषण का शिकार हो jaatein हैं।

आप घर बैठे भी हमारे इस प्रयास में अपने योगदान दे सकतें हैं, ज़रूरत है अपनी नज़र अपने आस पास के माहोल पर डालने की। कहीं आपके घर काम करने वाली, अपनी लार्की की purhaie churwah कर आपके घर काम में हाथ बताने के लिए तो नही लाती ? अगर ऐसा है तो परही चुराने का कारण जानने की कोशिश करिएँ, और यथा सम्भव अपने काम करने वाली को समझिए की यही बच्ची कमसे कम मेट्रिक की परीक्षा पास करके और vocational training लेकर इतनी स्वावलंबी बुन सकते है की तुम्हे घर घर काम करने से छुटकारा मिल जाएगा।


ऐसे ही आप और लार्कियों का पता भी लगा सकतें हैं जप आर्थिक तंगी या और कारण से parhai में picharr जातीँ हैं और टूशन के लिए पैसे नही दे पाती, ऐसी लार्कियों के लिए आप अपनी society के लोगों के सहयोग से उनकी मदद भी कर सकतें हैं। आप निश्चय ही parhen लिखें हैं. घर का कोई सदस्य भी अपने समयसे सपता में २, ३ दिन आधा घंटा निकल कर ऐसे लार्कियों की मदद कर सकता है।


अच्छा तो यह होगा किआपकी सोसाइटी कि महिलाएं ३, ४ का ग्रुप बना कर ऐसे लार्कियों की मदद करे ताकि वेह कम से कम मेट्रिक की परीक्षा तो पास कर ही लें। ऐसे कार्य के लिए एक स्थान फिक्स कर के ८, १० लार्कियों को साथ समय दे सकतें हैं। अपमे के महिलाएं विभिन् शेत्रों में निपुणता रखतें होंगे- जैसे पेंटिंग, स्केत्चिंग, कांदले मकिंग, कैरी बग्स बनाना, ग्रीटिंग कार्ड्स बनाना, कुकिंग , डांसिंग, सिंगिंग, एक्टिंग आदि। आप एन लार्कियों के लिए सप्ताह में २-३ दिन समय निकालके इन्हे vocational training दे सकते हैं। इसके लिए भी आप ४-५ लोगों का ग्रुप बना के कार्य आरम्भ कर सकतें हैं।

शुरू शुरू में आपको यह थोरा अटपटा व् मुश्किल लगेगा, लेकिन देखियेगा धीरे धीरे आपको एस कार्य में कितना अनद आने लगेगा। और कौन जाने किस दिन भारत की महिलाओं मैंआपके द्वारा प्ररित की हुए किसी एक महिला का भी नाम हो।


इरादे मजबूत हो तो कुछ भी मुश्किल नही। तो आज ही सunkulp ली जिए।
HSO ने जो २५ ड्राप आउट गिर्ल्स को मेट्रिक परीक्षा पास करवाने और वोकेशनल ट्रेनिंग देने का जो सामाजिक कदम उठाया है- उसमे आप अपना शत प्रति शत
योगदान देंगे और संकल्प लीजिये parhai लिकाही के आभाव से कोई महिला किस्सी भी प्रकार के सामाजिक शोषण का शिकार न हो। जरा सोचिये?

- लेखिका : प्रोमिला सरस्वती
website - http://www.helpsocial.org/

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